रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कनीय विद्युत अभियंता भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रांची पुलिस की जांच में आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि उसने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग की और अभ्यर्थियों को 15-15 लाख रुपये या उससे अधिक में लीक पेपर उपलब्ध कराए।
पुलिस के मुताबिक, अरुण कुमार ने 26 अगस्त 2019 को एजेंसी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद पर्दे के पीछे से एजेंसी का संचालन करता रहा। आरोप है कि प्रश्नपत्र की छपाई, ओएमआर शीट की स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग और परिणाम तैयार करने तक की प्रक्रिया में उसकी भूमिका थी। इसी पहुंच का फायदा उठाकर उसने 3 जुलाई 2022 को होने वाली परीक्षा से पहले सीलबंद प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए लीक किया था। पुलिस ने उसे 7 अगस्त को मुंबई से गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र के उत्तर याद कराने के लिए गोपनीय ठिकानों पर ले जाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों अभिषेक कुमार और पंकज कुमार मंडल से पूछताछ में भी इस संबंध में जानकारी मिली। पुलिस ने अपनी केस डायरी में अरुण कुमार को पूरे पेपर लीक सिंडिकेट का मुख्य सूत्रधार बताया है। जांच में जेपीएससी परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक और ओएमआर शीट में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं।
