भिवानी। मनीषा मौत मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने के बाद एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। बुधवार को सिटी स्टेशन मार्ग स्थित स्वामी धर्मशाला में मनीषा के पिता संजय, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और बैरागी समाज के लोगों की बैठक हुई। इसमें मामले की नए सिरे से जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
बैठक के बाद किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि मनीषा का परिवार शुरुआत से ही उसकी मौत को हत्या बता रहा है, जबकि स्थानीय पुलिस और सीबीआई की जांच में इसे आत्महत्या माना गया था। उन्होंने मांग की कि नई जांच में मौत से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मनीषा को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो किसान संगठन दोबारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
वहीं, मनीषा के पिता संजय ने स्थानीय पुलिस के जांच अधिकारियों पर आरोपियों को बचाने के लिए तथ्यों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। किसान नेता ने कहा कि बेटी की मौत से पहले के 18 घंटों में क्या हुआ, इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
