मध्यप्रदेश: निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्पीकर को 2 महीने में फैसला लेने का आदेश

सागर। मध्यप्रदेश की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ लंबित दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दो महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का आदेश दिया है। यह याचिका विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से दायर की गई थी।

दरअसल, निर्मला सप्रे ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उन पर बाद में भाजपा का समर्थन करने और सत्तारूढ़ दल के पक्ष में प्रचार करने के आरोप लगे। 5 मई 2024 को सागर जिले के राहतगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करते हुए भाजपा में शामिल होने का एलान किया था। इसके बाद 30 जून 2024 को उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची से जुड़े दलबदल के मामलों का जल्द निपटारा होना चाहिए। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत देने के बावजूद लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। अब शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद विधानसभा अध्यक्ष को निर्धारित दो महीने की समयसीमा में निर्मला सप्रे के मामले पर फैसला लेना होगा।

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