


रूद्रपुर में भव्य प्रवेश द्वार बनाने के लिए स्थान चिन्हित
महापौर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा ने अधिकारियों के साथ किया स्थलीय निरीक्षण
तकनीकी पहलुओं पर मंथन; जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
रुद्रपुर। देवभूमि उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों का स्वागत अब एक भव्य और आकर्षक प्रवेश द्वार करेगा। उत्तराखंड की सीमा पर कुमाऊँ का भव्य प्रवेश द्वार बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को महापौर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा ने जिला एवं नगर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया। साथ ही परियोजना से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक एवं विकासात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि रुद्रपुर में कुमाऊँ का भव्य प्रवेश द्वार बनाने के प्रयास लंबे समय से किये जा रहे थे। इस परियोजना को साकार करने के लिए महापौर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा लगातार अपने अपने स्तर पर प्रयासरत थे। उनके प्रयासों के फलस्वरूप राज्य सरकार ने हाल ही में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान करते हुए इसके निर्माण के लिए बजट भी जारी कर दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रशासन ने निर्माण कार्य की तैयारियां तेज कर दी हैं।
शुक्रवार को हुए निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, रुद्रपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन, एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा, नगर आयुक्त मनीष बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रस्तावित स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए भूमि की उपलब्धता, यातायात व्यवस्था, भविष्य की आवश्यकताओं तथा निर्माण कार्य में आने वाली संभावित तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि चयन एवं अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर केवल औद्योगिक नगरी ही नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड का प्रमुख प्रवेश द्वार भी है। इसी मार्ग से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा, चारधाम यात्रा, नैनीताल तथा पूरे कुमाऊँ मंडल की ओर जाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक एवं अन्य राज्यों से आने वाले लोग भी इसी मार्ग से उत्तराखंड में प्रवेश करते हैं। ऐसे में राज्य की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नगर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। त्रिशूल चौक का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि डमरू चौक का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होगा। अब कुमाऊँ प्रवेश द्वार बनने से रुद्रपुर उत्तराखंड के गौरवशाली प्रवेश द्वार के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
महापौर ने बताया कि प्रस्तावित प्रवेश द्वार का स्वरूप आधुनिक वास्तुकला और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम होगा। इसमें पारंपरिक पहाड़ी स्थापत्य शैली की झलक, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था, आकर्षक सौंदर्यीकरण, हरित विकास, उत्तराखंड की लोक संस्कृति और धार्मिक विरासत को दर्शाने वाले विशेष कलात्मक तत्व शामिल किए जाएंगे। दिन और रात दोनों समय यह प्रवेश द्वार अपनी भव्यता से लोगों को आकर्षित करेगा तथा प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बनेगा।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह भव्य प्रवेश द्वार राज्य की नई पहचान बनेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वपूर्ण घोषणाओं में शामिल है। परियोजना का प्रारंभिक डिजाइन तैयार हो चुका है और निर्माण के लिए आवश्यक बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। अब भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्वागत द्वार नहीं होगा, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक विकास, पर्यटन संभावनाओं और राज्य की विशिष्ट पहचान का प्रतीक बनेगा। इसके निर्माण से रुद्रपुर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों के मन में उत्तराखंड की सकारात्मक और भव्य छवि स्थापित होगी।
