मंदिरों से लेकर मुख्य बाजार तक जगमगाएगा रुद्रपुर

मंदिरों से लेकर मुख्य बाजार तक जगमगाएगा रुद्रपुर

25 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

26 को नगर निगम मंदिर में होगा सामूहिक हवन

रुद्रपुर। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव को धूमधाम और भव्यता के साथ मनाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर शहर के प्रमुख वाल्मीकि मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। मुख्य बाजार और प्रमुख चौराहे भी रोशनी से जगमगाएंगे। 25 अक्टूबर को समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जबकि 26 अक्टूबर को नगर निगम स्थित मंदिर में सामूहिक हवन का आयोजन होगा। महापौर विकास शर्मा ने मीडिया को कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी का प्रकटोत्सव पूरे उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया जाएगा।

महापौर ने बताया कि पिछले वर्ष भी नगर निगम और निगम के कर्मचारियों के साथ पर्यावरण मित्रों ने मिलकर भगवान वाल्मीकि जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी व्यापक स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। गांधी कॉलोनी, रामपुरा, भूत बंगला, खेड़ा सहित नगर निगम परिसर स्थित मंदिर को भव्य विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। इन स्थानों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके।

महापौर ने बताया कि 25 अक्टूबर को पूरे समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। नगर निगम की ओर से मुख्य बाजार और प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा। शोभायात्रा के स्वागत के लिए नगर निगम के द्वार पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां श्रद्धालुओं का स्वागत करने के साथ प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। इसके अगले दिन 26 अक्टूबर को नगर निगम मंदिर में सामूहिक हवन का आयोजन होगा, जिसमें सभी लोग सम्मिलित होकर भगवान वाल्मीकि जी का स्मरण करेंगे और उनके आदर्शों के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।

महापौर विकास शर्मा ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के व्यक्तित्व और उनके ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे महान ऋषि और दूरदर्शी महर्षि थे, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को रामायण के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। रामायण में भगवान श्रीराम के जन्म, वनवास, लंका विजय और लव-कुश सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तृत वर्णन मिलता है। महर्षि वाल्मीकि की रचना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो आज भी समाज को धर्म, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनि ज्ञान के विशाल भंडार थे। उनके विचारों और शिक्षाओं में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों का गहरा ज्ञान समाहित था। भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण की शिक्षाओं का अनुसरण करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मकता, संस्कार और सदाचार को स्थान देता है। महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन और उनका साहित्य आने वाली पीढ़ियों को भी सत्य, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।

महापौर ने कहा कि रुद्रपुर अनेक संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों से मिलकर बना एक सुंदर गुलदस्ता है। यहां सभी समाजों की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शहर की एकता सर्वाेपरि रहनी चाहिए। महापौर ने विश्वास जताया कि नगर निगम के जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, पर्यावरण मित्र और शहरवासी मिलकर भगवान वाल्मीकि जी का प्रकटोत्सव उत्साहपूर्वक मनाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी लोग एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे और सामाजिक सद्भाव की परंपरा को और मजबूत करेंगे।

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