


राजीव कुमार गौड़
बाजपुर। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के विधि पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए 10 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि LL.B. त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर और BBA-LL.B. पंचवर्षीय पाठ्यक्रम के दसवें सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण किसी वरिष्ठ अधिवक्ता के अधीन न्यायालय में पूरा करना होगा।
यह प्रशिक्षण BCI के कानूनी शिक्षा मानकों का हिस्सा है, जिसका मकसद छात्रों को कोर्ट की कार्यप्रणाली, वकालत के व्यावहारिक पहलुओं और न्यायिक प्रक्रिया से सीधे रूबरू कराना है। प्रशिक्षण पूरा किए बिना छात्रों की डिग्री पूरी नहीं मानी जाएगी।
इस संबंध में संस्था ने जिले के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे छात्रों को अपने मार्गदर्शन में प्रशिक्षण देने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करें। संस्था ने कहा कि अधिवक्ताओं का सहयोग छात्रों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
BCI के ‘Rules of Legal Education 2008’ के अनुसार प्रत्येक लॉ छात्र को अंतिम वर्ष में कोर्ट विजिट, चैंबर विजिट और प्री-ट्रायल तैयारी सहित कुल 12 सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होती है। उसी कड़ी में यह 10 दिवसीय कोर्ट प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित अधिवक्ता संघों और बार एसोसिएशन से भी इस कार्य में सहयोग की अपील की है, ताकि छात्र समय पर अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकें।
