भोपाल एम्स में 14 रुपये की ट्यूब 943 रुपये में खरीदी, मेडिकल सप्लाई की दरें 6500% तक ज्यादा

: भोपाल एम्स में 14 रुपये की ट्यूब 943 रुपये में खरीदी, मेडिकल सप्लाई की दरें 6500% तक ज्यादा

भोपाल एम्स में दवाओं और सर्जिकल सामग्री की खरीद को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। संस्थान की एक समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 14.27 रुपये की हाई प्रेशर एक्सटेंशन ट्यूब 943.49 रुपये में खरीदी गई। इस तरह दोनों दरों में 929.22 रुपये का अंतर मिला। रिपोर्ट में 125 से अधिक दवाओं और 200 से ज्यादा सर्जिकल आइटम की कीमतों में 500 से 6500 प्रतिशत तक का अंतर सामने आने की बात कही गई है। इनमें टेरलिप्रेसिन, जेंटामाइसिन और एसाइक्लोविर जैसी दवाएं भी शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, दवाओं और मेडिकल सामग्री की कीमतों को लेकर शिकायतें मिलने के बाद 15 अप्रैल 2025 को समिति गठित की गई थी। 31 मई 2025 की रिपोर्ट में अमृत फार्मेसी की सप्लाई दरों की तुलना एम्स के अन्य सप्लायरों के रेट कॉन्ट्रैक्ट से की गई। वहीं, संस्थान का खरीद बजट वर्ष 2022-23 में 145 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 245 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि अधिक दरों पर खरीद से सरकारी बजट, आयुष्मान भारत योजना और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है।

मामले में कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। एम्स भोपाल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गुप्ता के अनुसार, संस्थान अब अपने रेट कॉन्ट्रैक्ट कर रहा है और अमृत फार्मेसी से खरीद को सीमित कर आपात परिस्थितियों तक रखने की व्यवस्था की जा रही है। अमृत फार्मेसी के मध्य प्रदेश प्रभारी ने रिपोर्ट देखने के बाद ही प्रतिक्रिया देने की बात कही। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने के संबंध में जवाब नहीं मिला था। अब सवाल यह है कि कथित अधिक दरों पर हुई खरीद की जांच और भुगतान की समीक्षा कब होगी।

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