नगर की मुख्य रामलीला मे विगत रात्रि हनुमान की किष्किन्धा वापसी आकर प्रभु श्रीरामचन्द्र जी को माता सीता की सूचना देना, विभीषण निष्कासन, विभीषण का राम दल में शामिल होना, लका में अंगद का पांव जमाना, रावण अंगद संवाद, युद्ध की घोषणा, कुंभकर्ण को नींद से जगाना व कुंभकर्ण वध तक की लीला का मंचन हुआ।
इससे पूर्व विगत रात्रि की रामलीला का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक शिव अरोर ने सपरिवार दीप प्रज्जवलित कर किया। रामलीला कमेटी ने समस्त आगंतुको को माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
लंका में अंगद ने जमाया पाँव, कुंभकर्ण वध से गूँजे श्रीराम के जयकारे
रुद्रपुर। नगर की प्रमुख प्राचीन बस स्टैंड वाली रामलीला में विगत रात्रि हनुमान की किष्किन्धा वापसी से लेकर कुंभकर्ण वध तक की लीला का सुंदर मंचन हुआ। भक्ति, शरणागत की रक्षा, वीरता और धर्म की विजय के संदेशों से सजे विभिन्न दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर किया। कलाकारों की प्रभावशाली संवाद अदायगी और सशक्त अभिनय ने रामकथा के प्रसंगों को जीवंत बना दिया।
लीला की शुरुआत लंका से लौटे पवनपुत्र हनुमान द्वारा प्रभु श्रीरामचन्द्र को माता सीता का समाचार सुनाने से हुई। हनुमान ने अशोक वाटिका में माता सीता की व्यथा, उनकी अटूट आस्था और प्रभु के प्रति समर्पण का वर्णन किया। माता सीता की चूड़ामणि पाकर श्रीराम भावुक हो उठे। अपने प्रिय भक्त की सेवा और साहस से प्रसन्न प्रभु ने हनुमान को हृदय से लगा लिया। स्वामी और सेवक के इस स्नेहपूर्ण मिलन ने दर्शकों को भक्ति के रंग में रंग दिया।
इसके बाद रावण दरबार में विभीषण द्वारा अपने भाई को नीति और धर्म का मार्ग अपनाने की सलाह देने का दृश्य मंचित हुआ। विभीषण ने माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाकर युद्ध टालने का आग्रह किया, लेकिन अहंकार में डूबे रावण ने उन्हें अपमानित कर लंका से निकाल दिया। विभीषण प्रभु श्रीराम की शरण में पहुँचे। श्रीराम ने उन्हें अपनाकर शरणागत की रक्षा का संदेश दिया।
रावण को अंतिम बार समझाने लंका पहुँचे अंगद और लंकापति के बीच संवाद आकर्षण का केंद्र रहा। अंगद ने श्रीराम का संदेश सुनाते हुए सीता को लौटाने और विनाश से बचने की चेतावनी दी। रावण के अभिमान के सामने अंगद ने दरबार में अपना पाँव जमाकर उसे हिलाने की चुनौती दी। लंका के महारथियों के प्रयास रहा.संधि का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद युद्ध की घोषणा हुई.
अंतिम चरण में गहरी नींद में सोए कुंभकर्ण को जगाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। जागने पर कुंभकर्ण ने रावण को उसके अनुचित आचरण का बोध कराया, लेकिन भाई के प्रति कर्तव्य निभाने युद्धभूमि में उतर पड़ा। कुंभकर्ण और रामदल के बीच भीषण युद्ध का रोमांचक मंचन हुआ। अंततः प्रभु श्रीराम ने कुंभकर्ण का वध कर दिया।
आज राम की भूमिका में मनोज अरोरा, लक्ष्मण की भूमिका में राजकुमार कक्कड, रावण की भूमिका मे विशाल भुड्डी, हनुमान की भूमिका में सुशील गाबा, अंगद की भूमिका में गौरव जग्गा, मेघनाद की भूमिका में रमन अरोरा, कुंभकर्ण की भूमिका में अनिल तनेजा, गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर आशू, जामवन्त की भूमिका में रोहित खुराना, विभीषण की भूमिका में सचिन आनन्द, सुग्रीव की भूमिका में मोहन अरोरा, नल की भूमिका में आशमन अरोरा, नील-पारस अरोरा, हनुमान जी के सेनापति की भूमिका में आयुष्मान सुशील गाबा, जोकर पार्टी की भूमिका में रामकृष्ण कन्नौजिया, गोला इदरीश, रजत अरोरा व गोगी नरूला ने जनता को गुदगुदाया। मंच संचालन मंच सचिव संदीप धीर एवं विजय जग्गा ने किया।
इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी के संरक्षक तिलक राज बेहड विधायक, सरपरस्त पवन अग्रवाल, अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री एवं संचालन सुशील गाबा, कोषाध्यक्ष सीए अमित गंभीर, समन्यवयक राजेश छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष विजय अरोरा, हरीश अरोरा, महावीर आजाद, सचिव अमित अरोरा बोबी, विजय विरमानी, डायरेक्टर सुभाष खंडेलवाल, संदीप धीर, मंच सचिव विजय जग्गा, ओम प्रकाश अरोरा, राकेश सुखीजा, अशोक गुम्बर, केवल कृष्ण बत्रा, अमित चावला, आशीष मिड्ढा, जगदीश टंडन, रघुवीर अरोरा, राज घई, चन्द्र सचदेवा, बिट्टू ग्रोवर, रवि बठला, राजेश जग्गा, संजीव अरोरा मिंटू, सुरेंद्र मिड्ढा आदि उपस्थित थे।
बाक्स 001- विधायक शिव अरोरा ने रूपए 10 लाख से श्री रामलीला मंच पर विकास कार्यों की मंजूरी की घोषणा करते मुख्य अतिथि विधायक शिव अरोरा ने कहा कि रामलीला हमारी आस्था, संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य धरोहर है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी रामकथा के आदर्शों को अपने व्यवहार में अपनाए। उन्होंने कहा कि कलाकारों और आयोजकों का समर्पण सराहनीय है, जो इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।
विधायक शिव अरोरा के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकुमार खानिजो,मनोज मदान , मनीष गगनेजा, विकास गुम्बर, कुणाल गगनेजा, राजेश जग्गा, उमेश पसरीचा, संजू छाबड़ा, सुनील यादव, वासु गुम्बर, वैभव ग्रोवर, आदि मौजूद थे।
बाक्स 002- बाक्स 002—मेघनाद की अंतिम विदाई का दृश्य होगा भावुक
नगर की मुख्य रामलीला में कल मेघनाद द्वारा पिता रावण, माता मंदोदरी एवं पत्नी सुलोचना से अंतिम विदाई लेने के मार्मिक दृश्य का मंचन होगा। इसकी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रावण की भूमिका निभा रहे विशाल भुडी तथा मेघनाद बने रमन अरोरा अपने संवादों और अभिनय से पिता-पुत्र के स्नेह, कर्तव्य एवं बिछोह की पीड़ा को मंच पर साकार करेंगे।
बाक्स 003- श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज गाबा नें बताया कि कल 19 अक्टूबर की लीला में रावण द्वारा मेघनाद को युद्धभूमि भेजना, लक्ष्मण मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण को शक्ति लगना, राम विलाप, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाना, मेघनाद का यज्ञ विध्वंस, मेघनाद रावण अंतिम मिलन, मेघनाद-सुलोचना संवाद, मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध, मेघनाद वध तक की सुंदर व भव्य लीला का आयोजन होगा। मंचन ठीक 9 बजे प्रारम्भ होगा।
