: धान खरीदी पर किसानों की नजरें, साय कैबिनेट बैठक से जगी उम्मीद

धान खरीदी पर किसानों की नजरें, साय कैबिनेट बैठक से जगी उम्मीद

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों और विपक्षी दलों ने सरकार से 1 नवंबर से खरीदी शुरू करने की मांग की है। दीपावली से पहले धान बेचकर किसान मजदूरों का भुगतान और त्योहार की तैयारियां करना चाहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट बैठक से धान खरीदी को लेकर फैसले की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, खरीदी की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

पिछले पांच खरीफ विपणन वर्षों में प्रदेश में धान खरीदी का दायरा बढ़ा है। वर्ष 2025-26 में करीब 142 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और किसानों को लगभग 33,149 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इस बार किसान खरीदी जल्द शुरू करने के साथ पिछले वर्षों में बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अंतर और बकाया बोनस के भुगतान की भी मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि खरीदी में देरी से आर्थिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो सकती है और उन्हें निजी व्यापारियों को कम कीमत पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

धान खरीदी की तैयारियों के बीच फसल सत्यापन के पीवी ऐप, भुइंया पोर्टल और एग्रीस्टैक से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर भी विवाद सामने आया है। किसानों और पटवारी संघ ने तकनीकी दिक्कतों पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस ने सरकार की व्यवस्थाओं की आलोचना की है। किसान संगठनों की मांग है कि 1 नवंबर से खरीदी शुरू की जाए और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। अब सभी की नजरें राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

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