


राजीव कुमार गौड़
कागजात दिखानें में मिनटों की देरी पर ही मोटरसाईकिल सीज करनें वाले प्रशासन के पास नहीं पहुंचती निराश्रित पशुओं के कारण मरनें वाले नौजवानों के परिजनों की मर्मांतक चीखें – सुशील गाबा
रूद्रपुर- विगत रात्रि निराश्रित गौवंशीय की टक्कर के बाद हाईवे से आ रहे ट्रक की चपेट में आकर ग्राम अलखदेवा निवासी नौजवान तथा आस्था इलेक्ट्रॉनिक में हैवेल्स loyed कंपनी के कर्मचारी के रूप में कार्यरत परविंदर सिंह उर्फ पिंदर मक्कड़ पुत्र रंजीत सिंह, उम्र 35 वर्ष की दुखद मृत्यु हो गयी। इससे क्षेत्र में शोक के साथ ही गुस्से की लहर भी दौड़ गयी है। बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य में लहुलुहान क्षत विक्षत शव होनें से बड़ी संख्या में लोग मध्य रात्रि में ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्र हो गये, बाद में बड़े बुजुर्गों के समझानें और शव के पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचानें के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा नें पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक के परिजनों व क्षेत्रवासियों से मुलाकात की। युवाओं नें निराश्रित गौवंशीय पशुओं के कारण अनेकों मौतों पर गहरा रोष जताते हुये कहा कि इस समस्या का स्थायी निदान होना अत्यन्त आवश्यक है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा नें कहा कि वाकई निराश्रित पशुओं के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों, लिंक मार्गों पर गंभीर यातायात खतरों की स्थिति पैदा हो गयी है। दिन हो या रात, हमेशा सडक पर चलनें वाले दोपहिया सवारों की जान हथेली पर होती है। शासन-प्रशासन केवल कागजात दिखानें में मिनटों की देरी पर ही मोटरसाईकिल सीज कर देता है, लेकिन सैंकड़ों दुर्घटनाओं में नौजवानों की अकाल मौतों, उनके परिजनों की मर्मांतक चीखें शासन-प्रशासन के बहरे कानों तक नहीं पहुंच पाती, न ही उसकी आंखे यह सब देख पाती है।
स्माजसेवी जगदीश तनेजा नें कहा कि शीघ्र अतिशीघ्र राष्ट्रीय राजमार्गों, लिंक मार्गों का निर्बाध संचालन न होनें पर आरटीओ व एनएसएआई अफसरों का घेराव किया जायेगा।
इस दौरान मंजीत सिंह मक्कड़, जगदीश तनेजा , हैप्पी रंधावा, सचिन मुंजाल, मोनू निषाद, जावेद अख्तर, रणजीत सिंह ( पिता जी ) सुखविंदर सिंह मक्कड़ (भाई ) सतपाल सिंह कालड़ा, मंजीत सिंह मक्कड़, जिगर रंधावा, हरविंदर सिंह, नारायण पाठक, अंकित चंद्रा, शेरी, अमित गोयल, किशोर रस्तोगी, रोहित अरोड़ा आदि मौजूद थे।
