उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार प्रदेश में 137 मतदान केंद्रों का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों के हाथों में रहेगा। इसके अलावा मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। दिव्यांग कर्मचारियों के संचालन में 66 विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में ऐसे महिला संचालित मतदान केंद्रों की संख्या 79 थी।
प्रदेश में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से तीन मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी तय करनी होगी। इनमें उत्तरकाशी के दो और चमोली का एक बूथ शामिल है। इसके अलावा आठ बूथों तक पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर और 23 बूथों तक पहुंचने के लिए आठ से 10 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ेगी। दुर्गम क्षेत्रों को देखते हुए 12 पोलिंग पार्टियां तीन दिन पहले और 665 पोलिंग पार्टियां दो दिन पहले रवाना की जाएंगी।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 910 मतदाता ऐसे हैं जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक है, जबकि 85 वर्ष से अधिक आयु के 48,558 वरिष्ठ मतदाता पंजीकृत हैं। इसके अलावा 76,216 दिव्यांग और 212 थर्ड जेंडर मतदाता सूची में शामिल हैं। वनराजि और बुक्सा जनजाति के 18 वर्ष से अधिक आयु के 25,676 पात्र नागरिकों में से अब तक 13,053 का मतदाता पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। चुनाव में महिला सशक्तीकरण, दिव्यांगों की सुविधा और दुर्गम क्षेत्रों में मतदान व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
