


राजीव कुमार गौड़
रूद्रपुर नैनीताल रोड पर एसजीएडी काम्पलेक्स के सामने आखिरकार
वही हुआ, जिसका डर लंबे समय से रूद्रपुर में बना हुआ था। दशको से निर्बाध चल रहे यातायात को विगत चार वर्षों पूर्व डिवाइडर बनाकर जबरन रोका गया, लेकिन आम जनता के पास अन्य विकल्प ना होनें के कारण मजबूरी में डिवाईडर लांघकर दूसरे छोर पर जाने पर जोखिम को जनप्रतिनिधि व सिस्टम जानबूझकर नजरअंदाज करते रहे। इसी सड़क को पार करते समय विगत रात्रि जेसीबी की चपेट में आकर मूल रूप से भिकियासैंण व अब रविन्द्रनगर निवासी सिडकुल में कार्यरत विमला, उम्र 29 वर्ष की आकस्मिक मौत हो गयी। मृतका के साथ उसकी 6 वर्ष की बच्ची भी थी, जो बाल बाल इस हादसे का शिकार होनें से बच गयी। बच्ची की आंखो के सामने ही उसकी मां नें तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। आज समाजसेवी सुशील गाबा नें पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा इस मौत को दुर्भाग्य करार देते हुये इस कट को खोलनें, वहां जेब्रा कासिंग बनाने, स्थायी रूप से रेड लाईट अथवा यातायात पुलिस की तैनाती सहित संर्पूण क्षेत्र में नेशनल हाईवे में व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
