


राजीव कुमार
सज्जन कुमार के महिमामंडन पर कांग्रेस के खिलाफ सिख समाज व भाजपा का दिखा भारी आक्रोश, रुद्रपुर में फूंका कांग्रेस पार्टी का पुतला
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से कि माफ़ी की मांग
रुद्रपुर। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा जिस प्रकार उनका महिमामंडन किया गया, उसको लेकर सिख समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। रुद्रपुर के बाटा चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं सिख समाज के लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस का पुतला फूंका और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के जख्म आज भी सिख समाज के दिलों में जिंदा हैं। जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया, जिनके घर उजड़े और जिन्होंने उस भयावह दौर की पीड़ा झेली, उनके जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार का महिमामंडन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान यह बताने के लिए काफी हैं कि कांग्रेस की मानसिकता क्या है और वह सिख समाज के दर्द को लेकर कितनी संवेदनशील है।
विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को अपना दोस्त और बड़ा भाई बताना, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा उन्हें रोल मॉडल बताना और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव द्वारा सज्जन कुमार की तारीफ में कसीदे पढ़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं के बयान सिख समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक हैं और यह कांग्रेस के चरित्र तथा उसकी मानसिकता को उजागर करते हैं।
शिव अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस देश को यह जवाब दे कि आखिर जिस व्यक्ति को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराया गया, उसे कांग्रेस के नेता अपना दोस्त, बड़ा भाई और रोल मॉडल क्यों बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक नेता का बयान नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की सोच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में पीड़ित परिवार न्याय के लिए वर्षों तक संघर्ष करते रहे। कांग्रेस शासन के दौरान सज्जन कुमार के खिलाफ कार्रवाई में जिस प्रकार लंबा समय लगा, वह भी कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों ने दंगों के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने का काम किया और यही कारण है कि पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ा।
विधायक ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख समाज के सम्मान, गुरुओं की परंपरा और सिखों के बलिदान को देश-दुनिया के सामने सम्मान के साथ रखा जा रहा है, जबकि कांग्रेस के नेता उन्हीं लोगों का महिमामंडन कर रहे हैं जिनका नाम 1984 के दंगों के काले अध्याय से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को सिख समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
शिव अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सिख समाज के साथ मजबूती से खड़ी है। सिख समाज के बलिदान, संघर्ष और पीड़ा का सम्मान करना भाजपा की प्रतिबद्धता है।
दर्जा मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी ने कांग्रेस नेताओं के बयानों को सिख समाज के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताते हुए कहा कि 1984 की हिंसा को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताना कांग्रेस की घटिया और संवेदनहीन मानसिकता का परिचय है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को अपने बयानों के लिए सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि 1984 के दंगों की पीड़ा से पूरा देश परिचित है। ऐसे मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को रोल मॉडल बताना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान पुराने जख्मों को कुरेदने का काम कर रहे हैं और भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है।
दर्जा मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा सज्जन कुमार का महिमामंडन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने 1984 में अपनों को खोया, उनके दर्द को कांग्रेस नेताओं को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास दंगों के आरोपियों के प्रति नरम रवैये से जुड़ा रहा है और यही कारण है कि पीड़ितों को न्याय के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने नेताओं के बयानों पर जवाब देने और सिख समाज से माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं एवं सिख समाज के लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि 1984 के पीड़ितों के जख्मों पर राजनीति नहीं, न्याय और सम्मान चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सज्जन कुमार के महिमामंडन पर सार्वजनिक रूप से सिख समाज से माफी मांगने की मांग की।
इस दौरान प्रदेश कार्यकारणी सदस्य अनिल चौहान, जिला महामंत्री तरुण दत्ता, अमित नारंग, राकेश सिंह, रोशन अरोरा, प्रीत ग्रोवर,संदीप बाजवा, अरविन्द चीमा, किरण विर्क, अनमोल विर्क, नवजोत ढीलो, लाड्डी ढिल्लों, दिलजोत, रमन सिंह, बलविंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, हरसिमरन सिंह, इक़बाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोर सिंह, सुशील यादव, शंकर विश्वास, सुनील चौहान, अक्षय गहलोत, राज कोली, मयंक कक्कड़, जीतेन्द्र संधू, मनीष गोस्वामी, डंप्पी चोपड़ा आदि लोग मौजूद रहे।
