

राजीव कुमार गौड
जीजीआईसी ,फाजिलपुर महरौला रुद्रपुर में चल रहे 90 दिवसीय सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन।
सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं को केवल आत्मरक्षा की तकनीकें ही नहीं सिखा रहा, बल्कि उनमें आत्मसम्मान, सतर्कता, साहस और निर्णय क्षमता का भी सशक्त विकास कर रहा है -प्रधानाचार्या मती शुभा रावत, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फाजिलपुर महरौला, रुद्रपुर।
रुद्रपुर, उधम सिंह नगर। समाज मे दिन प्रतिदिन बढ़ रही आपराधिक घटनाओ के प्रति सभी बालिकाओं को सशक्त बनाने व सेल्फ डिफेन्स के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा कार्यक्रम एवं केन्द्र पोषित योजना मिशन शक्ति-सम्बल-बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फाजिलपुर महरौला, रुद्रपुर में 90 दिवसीय सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण शिविर का समापन कराटे प्रतियोगिता कराकर किया गया।
इस दौरान विद्यायल की प्रधानाचार्या मती शुभा रावत ने छत्राओं को खुद की सुरक्षा के लिए तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। और कहा कि आज जिस तरह की घटनाए महिलाओं और लड़कियों के साथ हो रहीं हैं, उसके लिए यह प्रशिक्षण काफी मददगार साबित होगा। जिससे वो अपने साथ अपने दोस्तों और रिश्तेदारां की भी मदद कर सकती है। उन्होंने ओर आगे कहा कि रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं केन्द्र पोषित योजना मिशन शक्ति-सम्बल-बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं को केवल आत्मरक्षा की तकनीकें ही नहीं सिखा रहा, बल्कि उनमें आत्मसम्मान, सतर्कता, साहस और निर्णय क्षमता का भी सशक्त विकास कर रहा है। विद्यालयों में नियमित अभ्यास और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के कारण बालिकाएं स्वयं को अधिक सुरक्षित, सजग और आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं। साथ ही उन्होंने विद्यालय में सेल्फ डिफेन्स का प्रशिक्षण देने पर अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच ऋषि पाल भारती व सह प्रशिक्षिका कौशल्या गुप्ता के कार्य की सराहना की।
विद्यालय की अध्यापिका डॉ बसंती रानी ने कहा कि आत्मरक्षा का हुनर जानने वाली बेटियां आत्मबल के साथ किसी भी हालात से निपट सकती हैं। एवं सेल्फ डिफेंस का कोर्स अनिवार्य होना चाहिए। बच्चे खुद अपनी सुरक्षा कर लेंगे तो पेरेंट्स की भी बच्चों के प्रति चिंता कम होगी।
साथ ही कराटे प्रशिक्षक ऋषि पाल भारती ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस शिविर से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी। ओर उन्होंने आगे कहा कि अपराध समय और स्थान का इंतजार नहीं करता है, आपके साथ कोई अपराधिक घटना कभी भी और कहीं भी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने पास मौजूद समान्य चीजों ओर आसपास के वातावरण में मौजूद चीजों को हथियार बनाकर अपराधी का सामना कर खुद को सुरक्षित कर सके। छात्राओं को पेन के जरिए हमला करना, दुपट्टे के इस्तेमाल से अटैकर को धूल चटाना जैसी तकनीकों के साथ साथ छात्राओं को की-होंन में ब्लॉक, पंच, किक एवं महत्वपूर्ण तकनीकों को सिखाया गया। सह प्रशिक्षिका कौशल्या गुप्ता ने कहा कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।
प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में निधि कुमारी, बीना, अंजलि, कामिनी, ज्योति जोशी ने स्वर्ण पदक, भावना, निहारिका, चंद्रिका रानी, साबिया, अंशिका कुमारी ने रजत पदक, संजना, पलक, स्वस्ति भट्ट, प्रिया, पिंकी, पूनम बोरा, पूजा , सृष्टि, रानी, नेहा ने कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर साबिया को बेस्ट फाइटर अवॉर्ड एवं ज्योति जोशी ओर अंशिका कुमारी को बेस्ट स्टूडेंट्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, समापन अवसर पर प्रधानाचार्या श्रीमती शुभा रावत, डॉ. बसंती रानी, कोच ऋषि पाल भारती ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों सहित को पदक पहनाकर पुरस्कृत किया। साथ ही विद्यालय की टीम द्वारा 5वीं जिला स्तरीय महिला जु-जित्सू चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर जिले में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सभी खिलाड़ियों को भी विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की संगीता नेगी, ममता रानी, भगवती पांडे, पूनम रानी, निधि वर्मा, अलका यादव ने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी।
