नेतन्याहू को चुनौती देंगे पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट?

नेतन्याहू को चुनौती देंगे पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट?

इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा में शुरू हुए युद्ध के करीब तीन साल बाद 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट के बीच राजनीतिक मुकाबले पर नजरें टिकी हैं। नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीति और लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर समर्थन मांग रहे हैं, जबकि आइजेनकोट खुद को वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में पेश कर रहे हैं।

गादी आइजेनकोट इजरायली सेना के पूर्व प्रमुख हैं, जिन्होंने 2015 से 2019 तक यह जिम्मेदारी संभाली थी। उनके बेटे की गाजा युद्ध में मौत ने भी उन्हें इजरायल की राजनीति में चर्चा के केंद्र में ला दिया है। दूसरी ओर, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने 2022 के चुनाव में 32 सीटें जीती थीं और दक्षिणपंथी दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी। चुनाव में सुरक्षा, युद्ध प्रबंधन और सरकार की नीतियां अहम मुद्दे बने हुए हैं।

इजरायल में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करते, बल्कि संसद यानी नेसेट की 120 सीटों के लिए राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है, इसलिए चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। फलस्तीन के मुद्दे पर भी राजनीतिक दलों के रुख पर नजर रहेगी, क्योंकि इजरायल की मुख्यधारा की राजनीति में सुरक्षा और हमास के खिलाफ कार्रवाई प्रमुख विषय बने हुए हैं। चुनाव के नतीजे और गठबंधन की स्थिति ही तय करेगी कि देश की अगली सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी।

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