झारखंड के कोडरमा–गया रेलखंड पर गुरपा–गझंडी घाटी की तीन ऐतिहासिक सुरंगों का आधुनिकीकरण किया गया है। करीब 120 साल पुरानी इन सुरंगों की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाई गई है, ताकि इनमें आधुनिक BOBRM कोयला रैक का परिचालन हो सके। इससे कोयले की ढुलाई अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
पूर्व मध्य रेलवे ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के तकनीकी सहयोग से इन सुरंगों का पुनर्डिजाइन कराया है। इस बदलाव से धनबाद के कोयला क्षेत्रों से बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने में समय बचाने और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है। ये सुरंगें नई दिल्ली–हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड के महत्वपूर्ण कोडरमा–गया सेक्शन में स्थित हैं।
रेलवे के दस्तावेजों के अनुसार, ब्रिटिश शासनकाल में बनी इन तीनों सुरंगों का निर्माण 6 दिसंबर 1906 को पूरा हुआ था। इनकी कुल लंबाई 1,345 मीटर है। पहली सुरंग 496 मीटर, दूसरी 454 मीटर और तीसरी 395 मीटर लंबी है। ये सुरंगें करीब 22 किलोमीटर लंबे गुरपा–गझंडी पहाड़ी रेलखंड का हिस्सा हैं।
